नीतीश कुमार के खास IAS अफसर कुमार रवि अब निशांत कुमार के साथ रहेंगे, जानिए कारण
IAS officer Kumar Ravi is a close confidant of Nitish; he will now serve alongside Nishant. Amidst the recent reshuffle of IAS officers in Bihar, the spotlight is firmly fixed on Kumar Ravi's new assignment. In the administrative corridors of Bihar, Kumar Ravi is regarded as a dynamic and trustworthy officer.
नीतीश कुमार के खास IAS अफसर कुमार रवि अब निशांत कुमार के साथ रहेंगे, जानिए कारण
Patna: IAS अफसर कुमार रवि नीतीश के हैं खास, अब निशांत के रहेंगे साथ. बिहार में IAS के तबादले से में सबसे ज्यादा ध्यान कुमार रवि की नई जिम्मेदारी पर है. बिहार प्रशासनिक गलियारों में कुमार रवि को तेजतर्रार और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है.
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव शुरू हो गए हैं. पहले आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं. इसके बाद रविवार को ही सम्राट चौधरी सरकार ने करीब एक दर्जन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है.
सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के करीबी आईएएस अधिकारी कुमार रवि को लेकर हो रही है. उन्हें स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है. खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के पास है. ऐसे में कुमार रवि की इस विभाग में पोस्टिंग को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है.
इस पूरे प्रशासनिक फेरबदल में सबसे ज्यादा ध्यान कुमार रवि की नई जिम्मेदारी पर है. बिहार प्रशासनिक गलियारों में कुमार रवि को तेजतर्रार और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है. वह बिहार कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी अफसरों में उनकी गिनती होती रही है.
कुमार रवि मूल रूप से नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा से आते हैं. वह भी नीतीश कुमार की ही जाति कुर्मी से आते हैं. जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब कुमार रवि उनके सचिव भी रह चुके हैं. यही वजह है कि उनकी प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक समझ दोनों मजबूत मानी जाती है.
उन्होंने अपने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. कुमार रवि पटना के जिलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त भी रह चुके हैं. इसके अलावा भवन निर्माण विभाग में भी वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट.